人无完人 कोई भी पूर्ण नहीं होता
Explanation
人无完人,意思是没有十全十美的人,人总有缺点和不足。
इस कहावत का अर्थ है कि कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं होता, हर व्यक्ति में कुछ न कुछ कमी होती ही है।
Origin Story
话说唐朝时期,有个名叫李白的诗仙,才华横溢,诗作流传至今,被后世奉为经典。然而,李白也有着自身的缺点,他的性格豪放不羁,常因饮酒过度而做出一些不理智的事情,也因此得罪了不少人。他虽然才华横溢,但他并非完美无缺,也有他的局限。后人总结他的经历,感叹道:人无完人,金无足赤。 另一位历史名人,岳飞,精忠报国,以精湛的军事才能和崇高的爱国情怀闻名于世。然而,他同样有不足之处,在政治斗争中,他缺乏圆滑处世的能力,最终成为了权臣的牺牲品。他虽是民族英雄,但他并非完美无缺。 再如,我们耳熟能详的诸葛亮,鞠躬尽瘁,死而后已。他的智慧和才能无人能及,但他也并非神人,他的战略也并非每次都完美,如六出祁山。他虽是千古一相,但他同样也有缺点。 所以说,历史上或现实生活中,那些闪耀光芒的人物,他们的成功并非因为完美无缺,恰恰是因为他们既有优点,又有缺点,他们既有辉煌的成就,也有不足之处。正因为如此,他们才更显真实,更令人敬佩。正是因为人无完人,我们才更应该以平常心看待自己和他人,包容彼此的缺点,互相学习,共同进步。
कहते हैं कि एक बार एक राजा ने अपने दरबार में एक बहुत ही सुन्दर और बुद्धिमान औरत को देखा। वह स्त्री इतनी सुन्दर थी कि राजा उसे अपनी रानी बनाना चाहता था। लेकिन उसने देखा कि उस औरत के पास जितनी अच्छाइयाँ थी उतनी ही बुराइयाँ भी थी। इसलिए वह स्त्री रानी नहीं बन पायी। दूसरी कहानी, एक राजा अपने राज्य में एक बहुत ही बहादुर और कुशल योद्धा को देखा। राजा ने उसे अपनी सेना का सेनापति बनाना चाहा, पर उसमें बहुत सारे दोष भी थे। उसकी बुद्धि बहुत कम थी, और वह बहुत जल्दी क्रोधित हो जाता था। इसलिए योद्धा भी सेनापति नहीं बन पाया। इसलिए इस कहावत का अर्थ यह है कि यह संसार में कोई भी पूर्ण नहीं है। सब में कुछ न कुछ कमियाँ जरूर होती हैं।
Usage
用于劝慰他人或自我开解,表示不必苛求完美。
दूसरों को या खुद को सांत्वना देने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है, यह दर्शाता है कि पूर्णता की आशा नहीं करनी चाहिए।
Examples
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人非圣贤,孰能无过?
rén fēi shèngxián, shú néng wú guò
कोई भी पूर्ण नहीं होता।
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不要苛求完美,人无完人嘛!
bú yào kēqiú wánměi, rén wú wán rén ma
किसी में भी कुछ न कुछ कमी तो होती ही है।