当头棒喝 सिर पर प्रहार
Explanation
比喻严厉警告,使人猛醒过来。
यह एक कठोर चेतावनी का रूपक है जो किसी को जगाता है।
Origin Story
唐朝时期,佛教临济宗的修行者们常以棒喝作为一种独特的传道方式。据说,禅宗大师黄檗禅师曾用此法点化弟子临济义玄。一日,临济在禅堂参禅,心绪茫然,毫无头绪。黄檗禅师见状,突然举起手中的禅杖,重重地打在临济的背上,并大声喝道:‘咄! ’临济顿觉五雷轰顶,心中震撼,如梦初醒。他从此潜心参悟佛法,最终成为临济宗的杰出代表,开创了临济宗的独特风格。这个故事也成为了“当头棒喝”的经典案例,体现了禅宗直指人心,顿悟成佛的修行理念。临济后来也采用这种方式教导弟子,使其快速顿悟。这种方法虽然看似粗暴,却能有效地打破弟子们思想上的障碍,促使他们迅速领悟佛法的真谛。
तांग राजवंश के दौरान, बौद्ध धर्म के लिंजी स्कूल के साधक अक्सर शिक्षण के एक अनोखे तरीके के रूप में “छड़ी और चिल्लाना” विधि का इस्तेमाल करते थे। ऐसा कहा जाता है कि ज़ेन मास्टर हुआंगबो ज़ेन मास्टर ने अपने शिष्य लिंजी यिक्सुआन को ज्ञान देने के लिए इस विधि का इस्तेमाल किया था। एक दिन, लिंजी ज़ेन हॉल में ध्यान कर रहा था, उसका मन भ्रमित और अव्यवस्थित था। जब हुआंगबो ज़ेन मास्टर ने यह देखा, तो उसने अचानक अपनी ज़ेन छड़ी उठाई और लिंजी की पीठ पर जोर से मारा, और जोर से चिल्लाया: “डो!” लिंजी को ऐसा लगा जैसे उसे बिजली का झटका लगा हो, उसका दिल झटका गया, जैसे वह सपने से जाग रहा हो। उस दिन से, उसने खुद को बौद्ध धर्म पर ध्यान करने के लिए समर्पित कर दिया और अंततः लिंजी स्कूल का एक उत्कृष्ट प्रतिनिधि बन गया, जिसने लिंजी स्कूल की अनूठी शैली बनाई। यह कहानी “सिर पर प्रहार” का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी बन गई, जो ज़ेन बौद्ध धर्म की प्रत्यक्ष प्रकृति और अचानक ज्ञान की अवधारणा को दर्शाती है। लिंजी ने बाद में अपने शिष्यों को शिक्षित करने के लिए भी इस पद्धति का इस्तेमाल किया, जिससे वे जल्दी से ज्ञान प्राप्त कर सके। हालाँकि यह विधि क्रूर लग सकती है, लेकिन यह शिष्यों के मानसिक अवरोधों को प्रभावी ढंग से तोड़ सकती है और उन्हें बौद्ध धर्म के सार को जल्दी से समझने के लिए प्रेरित कर सकती है।
Usage
多用于书面语,作主语、宾语。
यह ज्यादातर लिखित भाषा में, कर्ता और कर्म के रूप में प्रयोग किया जाता है।
Examples
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他这种行为,简直就是当头棒喝,让人猝不及防。
tā zhè zhǒng xíng wéi, jiǎn zhí jiù shì dāng tóu bàng hè, ràng rén cù bù jí fáng.
उसके इस कृत्य ने तो मानो उसे एक झटका ही दे दिया, जिससे वह अचानक चौंक गया।
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面对他的错误,我不得不给他当头棒喝,让他认识到问题的严重性。
miàn duì tā de cuò wù, wǒ bù dé bù gěi tā dāng tóu bàng hè, ràng tā rèn shí dào wèntí de yán zhòng xìng。
उसकी गलती के सामने मुझे उसे एक कठोर चेतावनी देनी ही पड़ी ताकि उसे समस्या की गंभीरता का एहसास हो सके।